मुरादाबाद भगतपुर टांडा : मंजीत पुत्र राजपाल निवासी ढक्का नंगलिया मझरा लक्ष्मी नगर थाना टाण्डा,रामपुर ने आरोपियों द्वारा अपने पिता की रूपये के लेन-देन के लेकर पीट-पीटकर हत्या कर देने तथा एक नजदीकी अस्पताल में छोड़कर भागने की शिकायत मिलने पर भगतपुर पुलिस ने मामले में की कार्यवाई

आरोपी ब्रहमसिंह ने बताया कि मेरे लडके ने बीए पास किया है। उमेश पुत्र नामालुम नि0 ग्राम कनकपुर पीपली थाना ठाकुरद्वारा,मुरादाबाद के माध्यम से अपने पुत्र की सरकारी नौकरी लगवाने हेतु तीन लाख रूपये राजपाल पुत्र प्रभु नि0 ग्राम ढक्का नगलिया थाना टाण्डा जनपद रामपुर से तय किये। जिसमें मैने 30,000/- नकद व 30,000/- रूपये फोन पे के माध्यम से कुल 60,000/- रू0 दिये थे। राजपाल ने बताया था कि एक महीने में नौकरी लग जायेगी तथा शेष 2,50,000/- रूपये बाद मे देने को कहा था । राजपाल ने मुझसे और रूपये मांगे तो मैंने राजपाल से कहा आपने तो नौकरी लगने के बाद शेष पैसे लेने को कहा था तो मुझे राजपाल की बातो की पर शक हुआ तो मैने एक दिन राजपाल के गावं में जाकर जानकारी की तो पता चला कि राजपाल ने कई लोगो से नौकरी के नाम पर रूपये ले रखे है और किसी की नौकरी नहीं लगी है और राजपाल गावं में नहीं आता है । तब मैने उमेश को फोन करके बुलाया और अपने रूपये के बारे में पुछा तो पता चला कि उमेश के भी रूपये राजपाल ने ले लिये है और हम दोनो ने उसकी तलाश शुरू कर दी। दिनांक 27.08.2024 को समय करीब 07.30 बजे उमेश ने मुझे टेलीफोन करके बताया कि मैंने राजपाल को रोशनपुर स्टेशन पर पकड लिया है तो मैं तुरन्त गावं से एक व्यक्ति की मोटर साईकिल मांगकर रोशनपुर स्टेशन पर आ गया तो देखा कि उमेश व राजपाल आपस में बातचीत करते हुए मिले। मैंने रूपये के बारे मे राजपाल से पूछा तो राजपाल ने कहा मैं तुम्हे ठाकुरद्वारा से रूपये दिलवा दुगां और हमारे साथ मोटर साईकिल पर बैठकर ठाकुरद्वारा की ओर चल दिये। जैसे ही हम अलीगंज से ठाकुरद्वारा रोड पर रामूवाला गावं सिंह होटल से करीब 200 मीटर पहले धान के खेत के किनारे पहुंचे तो राजपाल ने हमे रोक लिया और रूपये देने के नाम पर गन्दी गालिया देने लगा । मुझे और भी गुस्सा आ गया । उमेश ने मुझसे कहा इसे जान से मार दे और उमेश ने उसे पकड लिया और मैंने यूकेलिप्टिस के डंडे से राजपाल को जान से मारने की नियत से खूब पीटा,फिर मेरे हाथ से डंडा लेकर उमेश ने भी उसे खूब पीटा। जिससे राजपाल बेहोश हो गया तो हमे लगा कि पुलिस हमें पकड लेगी। इस कारण मैने राजपाल को मोटरसाईकिल पर बैठाया,पीछे से उमेश ने राजपाल को पकड रखा था, वह बोल नहीं रहा था। राजपाल को लेकर हम दोनो लोग जसपुर पहुचें तो रास्ते में ही राजपाल की मृत्यु हो गयी थी और हम लोग डर के कारण राजपाल को सरकारी अस्पताल जसपुर में छोडकर भाग गये थे।
